तीन समस्याएं और पीड़ा का कारण और निवारण।
तीन समस्याएं और पीड़ा का कारण और निवारण। (अ) घर में लगातार बीमारी रहना और मेडिकल का खर्च। (ब) प्रगतिशील व्यवसाय या नौकरी का अचानक कम या बंद हो जाना। (क) रिश्तों में मनभेद और अलग हो जाने की समस्या। यह तीन समस्या के मूल में जाकर इसको समझते है और इस पर चिंतन करते है। जब भी यह तीन समस्याएं आती है तो भयभीत लोग तंत्र मंत्र और विविध प्रकार के अंधविश्वासी विचारों का सहारा लेते है। परन्तु यह तीन संघर्ष जीवन के स्वाभाविक संघर्ष है। जो परिवर्तन और रूपांतरण की आवश्यकता को दर्शाते है। पॉइंट (अ) का संघर्ष स्वास्थ्य संबंधित संघर्ष है। पॉइंट (ब) का संघर्ष कर्म और आजीविका से संबंधित है। पॉइंट (क) का संघर्ष पारिवारिक और सामाजिक जीवन से संबंधित है। स्वास्थ्य ,कर्म और परिवार यह तीन हमारी छोटी सी दुनिया है। इस दुनिया में हर एक क्षण परिवर्तनशील है। समय हर रोज एक जैसा नहीं रहता और समय इन तीन आयामों में परिवर्तन करता रहता है। समय की मार इन तीन आयामों में ही पड़ती है जिसे हम बुरा वक्त कहते है। और समय की कृपा भी इन्हीं तीन आयामों में पड़ती है जिसे हम अच्छा समय कहते है। जो इन तीन आयामों पर पड़ ...