भविष्यवाणी की कला: भय का व्यापार या समाधान की राह?
नियतिबाद (Fatalism / Determinism) एक दार्शनिक विचार है जो मानता है कि इंसान के जीवन में जो कुछ भी होता है, वो पहले से तय है। यानी आपके फैसले, घटनाएँ और भविष्य पहले से ही "लिखे हुए" हैं - उन्हें बदला नहीं जा सकता। आपके निर्णय और कर्म भी अगणित कर्मों की श्रृंखला का एक छोटा सा हिस्सा है । उन कर्मों के गणित के आधार पर समय और अवकाश का निर्धारण होता है। कुंडली और अंकशास्त्र जैसे विषयों में भविष्यवाणी की जाती है, अब वह भविष्यवाणी का मूल आधार क्या है। हमारे मनीषियों ने ब्रह्माण्डीय पिंडो को मनुष्य जीवन के गुणों और उन गुणों को प्रभावित करने वाले परिणामों को एक दूसरे के साथ जोड़ दिया है। उनको इतना ज्ञान था कि गुण ही गुण में व्यक्त होते है। सुर्य को नेतृत्व का कारक कहा गया है, यह कारकत्व ही वह जोड़ है ,जो ब्रह्मांड और जीवन को जोड़ता है। अब सूर्य के साथ अंक १ को जोड़ा , यानी कि अंक १ और सूर्य का नेतृत्व के गुण से संबध हो गया, इसका कारण है कि सूर्य सारे पिंडो का केंद्र है और सब ग्रह उसकी परिक्रमा करते है। इसी तरह ब्रह्मांड की गति को मनुष्य जीवन के गुणों से जोड़ कर व्यक्ति की जन्म दिनां...