मंत्र ,तंत्र और यंत्र का क्या प्रयोजन है? यह उपाय के तौर पर ठीक है?
प्रश्न : मंत्र ,तंत्र और यंत्र का क्या प्रयोजन है? यह उपाय के तौर पर ठीक है? उत्तर : मंत्र का अर्थ है Code, तंत्र यानी System, यंत्र का अर्थ है Machine. Code , System and Machine इन तीनों के संयोजन से एक टेक्नोलॉजी का निर्माण होता है। यह टेक्नोलॉजी किसी विशेष प्रयोजन के लिए होती है। परन्तु टेक्नोलॉजी का यह अर्थ बाह्य संसाधनों के विकास के लिए है। पारंपरिक अर्थ के रूप में मंत्र,तंत्र,और यंत्र का उपयोग स्वभाव, विचार और कर्मों को दिशा देने के लिए होता था। जो बाद में अलग अलग प्रकार की साधना,उपासना,अनुष्ठान और क्रियाकांड में बदल कर विकृत हो गया, और इसका प्रयोग इष्ट देवी या देवता को सात्विक ,राजसी और तामसिक रूप से प्रसन्न करने और इच्छा पूर्ति के लिए होने लगा। यज्ञ और होम हवन के लिए भी होने लगा। इसके बाद विविध प्रकार के सांप्रदायिक उपचारों हेतु ग्रहों और उसके कारकत्व के साथ मंत्र ,तंत्र,यंत्र को जोड़ दिया। और इसका प्रभाव बहुत समय तक समाज में रहा, बाद में यह केवल देवी देवताओं तक सीमित न रह कर नाग,किन्नर, अप्सरा, यक्...