कुदरत, कानून, समाज : शादी और रिलेशनशिप
१६ से १८ साल के बच्चे अपनी फ्यूचर रिलेशनशिप और उसके स्टेट्स के बारे में जब पूछते, तब मजा आता है क्योंकि वह बड़े भोले होते है, और २० - २२ साल के बच्चे शादी के बारे में सोचने लगते है और पूछने लगते है।
अब यह बात अच्छे से समझे,
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आप का शरीर १४-१५ साल की उम्र से ही विजातीय आकर्षण महसूस करता है। यह बात सच है, और यह भी सच है कि भारत में लड़की के लिए शादी या संबंध शुरू करने की जो लघुतम आयु है वह १८ वर्ष है , और लड़के के लिए यह उम्र २१ साल है।
समाज के नियम कुछ अलग है, समाज में लड़का और लड़की का परिवार, उनकी शिक्षा, उनकी कमाई, जीवनशैली , चरित्र, घर, सुविधाएं, जाति,संप्रदाय यह सब कुछ देखा जाता है। और आज कल समाज में औसतन २४-२५ साल के बाद ही रिश्ता देखने की शुरुवात होती है।
शादी की जहां तक बात है आपको कानून और समाज दोनों के हिसाब से खुद को काबिल बनाना होगा, और तब तक शादी के बारे में प्रश्न करना कुछ हद तक आपकी कल्पनाओं और विचारों को बोझ ही देगा।
अब रही मैत्री संबंध, प्रेम विवाह, सिचुएशनशिप की बात तो उस बारे में भी आप १८ - १९ साल के बाद ही सोचे, आज कल १५ - १६ साल की बच्चियों को अबॉर्शन करवाना पड़ता है, यह दुखद बात है। तो कृपया समझे कि स्त्री और पुरुष का संबंध केवल शारीरिक नहीं है, वह एक अलग तरह का उत्तरदायित्व और समझदारी मांगता है।
आप यदि किसी भी तरह के संबंध को निभाने के लिए मानसिक रूप से तैयार है ,और हर तरह की परेशानियों से जूझने के लिए तैयार है तो ही अपनी मानसिक ऊर्जा को "रिलेशनशिप" नाम के आयाम में लगाए।
जब भी आप तैयार होंगे ,समाज और वातावरण की और से आप को खुद ही प्रस्ताव मिलने चालू हो जाएंगे। इस चीज के बारे में कम से कम पढ़ाई के समय सोचना छोड़ दे, पहले काबिल बन जाए। और १६-१७ की उम्र में इस बारे में ज्योतिष एप्लीकेशन पर पूछ कर पैसे व्यर्थ न करे।
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