प्रश्न अंकशास्त्र पद्धति

 प्रश्न अंकशास्त्र पद्धति ( सटीक जवाब) 

( एक वक्त पर एक ही प्रश्न पूछे।)



विधि : १ 

अपने प्रश्न को उचित और स्पष्ट ढंग से सोचे।

१२ to १०८ में से कोई एक अंक बोले।

उस चुने हुए अंक को १२ से भाग दे।

जो शेष ( रिमाइंडर) बचे उसे देखे।


अगर शेष : २,३,६,११ है, तो आप का काम हो जाएगा।

Answer: Yes.


विधि :२

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(१) प्रश्न सोचे।

(२) १ से २४९ के बीच कोई एक संख्या बोले।

(३) उस संख्या को १२ से भाग दे। जो शेष (रिमाइंडर) बचे उसे देखे।


यदि शेष,

२,६,१०,११ है तो कार्य सिद्ध होगा।

१,३,७,९ है तो कार्य सिद्ध होने में बाधा और विलंब के बाद सफल।

४,५,८ है तो कार्य में असफलता।


विधि:३

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अष्ट मंगल प्रश्न विद्या। (केरल के पंडितों की प्राचीन विद्या)

भाग: अ (फल कथन)

१ - सूर्य (Yes)

२ - मंगल (No)

३ - गुरु (Yes)

४ - बुध (No)

५ - शुक्र (Yes)

६ - शनि ( No)

७ - चंद्र (Yes)

८ - राहु (No)

विधि

स्टेप १: अपना प्रश्न ज्योतिषी को बताएं।

स्टेप २: अंक १ से ८ में से कोई भी तीन अंक चुनें।

स्टेप ३: पहला अंक: भूतकाल (अतीत), दूसरा अंक वर्तमान और तीसरा अंक भविष्य (भविष्य) का निर्देश करता है।


भाग : ब (मार्गदर्शन)

स्टेप ४: A से H तक कोई भी अक्षर (Alphabet) पूछें।

प्रश्नकर्ता द्वारा बताए गए अक्षर के अनुसार निम्नलिखित मार्गदर्शन कहें:


| (A) | घी का दीपक |

| (B) | दर्पण (आईना) |

| (C) | सोना |

| (D) | दूध |

| (E) | दही |

| (F) | फल |

| (G) | पुस्तक (किताब) |

| (H) | सफेद वस्त्र |


अष्ट मंगल प्रतीक ज्ञान

 * घी का दीपक: दिशा, मार्गदर्शन, ज्ञान, आशा और श्रद्धा का प्रतीक।

 * दर्पण: सत्य को समझकर खोजने का, अपने स्वरूप और खूबियों को ध्यानपूर्वक जानने का, धैर्य, ईमानदारी और सच्चाई का दर्शन।

 * सोना: समृद्धि, धन, मूल्य वृद्धि, सपनों की शुभ वृद्धि का निर्देश।

 * दूध: पोषण, सहायता, उर्वरता (फलदायकता) और सात्विक तथा मातृत्व का प्रतीक।

 * दही: परिवर्तन, स्वास्थ्य, वंश वृद्धि, तनाव और खटास का निर्देश करता है।

 * फल: कर्मों के फल और समय के निश्चय तथा प्रारब्ध (भाग्य) का निर्देश करता है।

 * पुस्तक: ज्ञान, बुद्धि, मार्गदर्शन, विद्या, सम्मान का प्रतीक।

 * सफेद वस्त्र: शुद्धता, शांति, वैराग्य, अध्यात्म, नम्रता का प्रतीक।



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